ज़ोरदार सस्पेंस, ज़बरदस्त एक्शन और उस पर म्यूज़िक का तड़का...अपूर्व लाखिया की फिल्म मिशन इस्तांबुल में वो सभी फिल्मी मसाले मौजूद हैं, जो किसी फिल्म को कामयाब बनाने के लिए ज़रूरी हैं।...ज़ायद खान, विवेक ओबेरॉय और
फिल्म की कहानी सागर यानि ज़ायद खान के इर्दगिर्द घूमती हैं। पेशे से टीवी पत्रकार सागर ज्यादा सैलरी और बेहतर लाइफ स्टाइल के लालच में हुसैन यानि सुनील शेट्टी के न्यूज़ चैनल का हेड बन जाता है और जा पहुंचता है टर्की की राजधानी इस्तांबुल...लेकिन वहां जाकर सागर को पता चलता है कि फैसला ग़लत हो गया और वो फंस गया है आतंकवादियों के चक्कर में...इस चक्रव्यूह से निकलने की कोशिश के दौरान उसकी मुलाकात होती है कमांडो रिज़वान खान यानि विवेक ओबेरॉय से...फिर क्या होता है ये जानने के लिए आपको देखना होगा मिशन इस्तांबुल...
मिशन इस्तांबुल के मुकाबले है गोविंदा स्टारर मनी है तो हनी है...ये कहानी है 6 अजनबियों की, बॉबी यानि गोविन्दा, एक रईस
अपनी अपनी
सुनील शेट्टी जैसे सितारों से सजी मिशन इंस्ताबुल के एक्शन सीन रिलीज़ से पहले ही सुर्खियों में आ गए। मां बाप का इकलौता बेटा जो अपने को साबित करने के लिए घर से भाग जाता है। लालभाई यानि मनोज बाजपेयी, जो लॉटरी में मिले एक करोड़ रुपये गंवाकर एक बार फिर सड़क पर आ चुका है। गौरव यानि आफताब शिवदसानी और मानिक यानि उपेन पटेल..इन दोनों में एक कॉपी राइटर है तो दूसरा मॉडल...इन चारों के साथ हैं टीवी कलाकार आशिमा यानि हंसीका और फैशन डिज़ाइनर श्रुति यानि सेलिना जेटली.. परेशानियों में उलझे इन सभी के लाइफ में ट्वीस्ट आता है एक SMS के ज़रिए...इस मैसेज में बताया जाता है कि ये लोग एक हज़ार करोड़ रुपये की कंपनी के मालिक बन गए हैं। लेकिन इस खुशी में भी एक पेंच है.कंपनी पर 1200 करोड़ रुपये का लोन है और जब तक लोन की रकम अदा नहीं हो जाती, इन सभी को एक घर में नज़रबंद कर दिया जाता है। कैसे होता है इस कैद का अंत..यही हैं इस फिल्म की कहानी...
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